रेयान स्‍कूल: प्रद्युम्न की हत्या में शामिल दूसरा शख्‍स कौन, सही निकला मां का शक

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रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात यह है कि उसमें दावा किया गया है जघन्य हत्या के मामले में किसी एक अन्य शख्स की भी भूमिका संभावित है, जो इस वारदात को अंजाम देने के बाद जो शौचालय की टूट

गुरुग्राम [ जेएनएन ] । प्रद्युम्न की हत्या मामले में आखिरकार मां ज्योति ठाकुर का शक सही निकला। स्‍कूल प्रबंधन और पुलिस के तमाम दावों के बीच प्रद्युम्न की मां लगातार इस बात पर अडिंग रही कि मेरे बाबू को अशोक ने नहीं मारा है। इसके पीछे जरूर कोई बड़ी चाल है। एसआइटी की रिपोर्ट आने के बाद स्‍कूल प्रबंधन के दावों की पोल खुल चुकी है। जांच में यह तो तय हो गया है कि हत्‍या के पीछे एक बड़ा राज छिपा है।

एसआइटी की रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात यह है कि उसमें दावा किया गया है जघन्य हत्या के मामले में किसी एक अन्य शख्स की भी भूमिका संभावित है, जो इस वारदात को अंजाम देने के बाद जो शौचालय की टूटी खिड़की के रास्ते से भाग गया।

सोहना रोड स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय छात्र प्रद्युम्न की हत्या मामले में एसआइटी की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट में साफ है कि स्‍कूल प्रबंधन ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की। ऐसे में शक की सुई स्‍कूल प्रबंधन पर जाना लाजमी है।

बच्चे पिता वरुण ठाकुर पहले से ही यह कह रहे हैं कि उनके बच्चे की हत्या योजना बनाकर की गई। बच्चे को बाथरूम में ले जाया गया था। वहां पर हत्यारोपी बस हेल्पर अशोक के अलावा और भी कोई था। एक लड़की ने वरुण को यह बताया भी है कि बाथरूम में अशोक के अलावा भी कोई था।

यह कौन था यह पुलिस पता नहीं लगा पाई है। तीन दिन की पुलिस रिमांड में भी यह बात सामने नहीं आई कि मासूम की हत्या में और कौन था। छात्र की मां ज्योति ठाकुर ने मंगलवार को भी यही कहा कि उसके बेटे की दो आंख उसकी दुश्मन बन गई।

उसने किसी टीचर या अन्य किसी को गलत देख लिया तो उसने बेटे का मरवा दिया। आरोपी ने मंगलवार को भी पेशी के दौरान कहा कि  शौचालय के अंदर जैसे ही प्रद्युम्न ने प्रवेश किया तभी उसने बुरे इरादे से उसे पकड़ लिया जब वह इसमें असफल रहा तो उसने उसके गले पर चाकू से हमला कर दिया।

वहीं बस चालक सौरभ राघव ने पहली बार खुलकर कहा कि उसे पुलिस ने उसे टार्चर कर जबरन बयान दिलवाया कि बस के टूल किट में चाकू था। किट में चाकू था ही नही। कौन सही कौन गलत पर पुलिस को तो चाकू का राज खोलना ही पड़ेगा।

बाथरूम के बरामदे में लगा कैमरा क्यों बंद था|बस की टूल किट में चाकू नहीं था तो अशोक चाकू कहां से लाया| वारदात के बाद बच्चे के परिजनों तथा पुलिस को समय से स्कूल से सूचना क्यों नही दी गई?पुलिस के आने से पहले बरामदे में पोछा तथा प्रद्युम्न के बैग से खून के निशान क्यों साफ करा दिए गए। वारदात के दस दिन पहले ही बाथरूम की खिड़की क्यों टूटी|अशोक बाथरूम में पहले से क्यों छिपा था|चालक ने मना किया पर अशोक बाथरूम क्यों गया|वारदात के चार दिन पहले से मुख्य गेट पर सुरक्षा गार्ड क्यों नही तैनात किया गया|सीबीआइ जांच होने की संभावना देख पुलिस के अधिकारी मीडिया लेकर क्यों घटनास्थल पर गए जबकि उस एरिया को सील रखा गया था।

उधर मंगलवार को मुंबई में रेयान स्कूल के स्टाफ से हरियाणा पुलिस ने की पूछताछ की। पुलिस कांदीवाली के रेयान इंटरनेशनल स्कूल पहुंची थी। पूछताछ शाम 7.30 बजे तक चली। इस दौरान स्थानीय पुलिस हरियाणा पुलिस के साथ नहीं थी। हालांकि रेयान स्कूल का संचालन करने वाले पिंटो परिवार से किसी तरह की पूछताछ नहीं की गई।

प्रद्युम्न के घर पर मंगलवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और राज्यसभा के सदस्य शरद यादव सांत्वना देने पहुंचे। सांत्वना देने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक तंवर भी पहुंचे। प्रद्युम्न के पिता वरुण चंद ठाकुर ने शरद यादव और जीतनराम मांझी को खूब सुनाया। ठाकुर का कहना था कि स्कूलों में बच्चा सुरक्षित नहीं है, स्कूल वाले अपनी मनमानी कर रहे हैं तो इसके पीछे आप (राजनेता) जैसे लोग हैं जो किसी न किसी स्कूल के साथ जुड़े रहते हैं और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता। आप लोगों को इस पर ध्यान देना होगा क्योंकि आज मेरा बच्चा गया है, कल किसी और का बच्चा खत्म हो जाएगा।