चमक जाएगी आपकी किस्मत अगर किन्नर के साथ आजमायेंगे ये चीज, मगर इस बात का रखें ख्याल।

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अगर हम ज्ञात इतिहास पर नजर डालें तो इस बात के पक्के सबूत है की जब से इस धरती पर मानव है तब से किन्नर के भी मौजूद होने के पक्के सबूत है।

नई दिल्ली(ब्यूरो) : अगर आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाय तो इस धरती और पर रहने वाले तमाम जीवीत चीजों भगवान ने बनाया है जिसे हम प्रकृति भी कहते है। जिस तरह पृथ्वी के हर जीवों में तमाम तरह की भिन्नताएं है उसी तरह हम मानव में भी कई तरह के विभिन्ताएं है जैसे कोई स्त्री है कोई पुरुष है और कोई किन्नर। महाभारत में भी इसकी उपस्थिति का जिक्र शिखंडी के रूप में किया गया है। किन्नर भी इस हम जैसे की तरह ही प्रकृति की अलौकिक रचना है।

किन्नर मुगलिया सल्तनत से लेकर आज के आधुनिक समाज का अभिन्न हिस्सा रही है, हालाँकि ये बात दीगर है की आज उसकी हालत क्या है और आज के आधुनिक समाज में उसकी जगह कहाँ है। कहा जाता है की किन्नर को सुबह-सुबह देखन बहुत शुभ माना जाता है आपको बता दें की सुलतान अकबर जब सुबह-सुबह उठते तो सबसे पहले किन्नर के दर्शन करते थे और उनके दरबार में किन्नर का एक खास स्थान था। हमारे रामायण में में इसका उल्लेख है।

भगवान श्री राम जब 14 साल के लिए बनबास जा रहे थे तो उनके विदाई के लिए सारी प्रजा उनके पीछे हो लिये और जंगल में प्रवेश करने से पहले श्री राम ने सबसे विदाई ली और कहा की सारे नर-नारी अपने घर को जाये लेकिन वो किन्नर को सम्बोधित करना भूल गए और 14 साल बाद जब वो वापस आये तो उन्होंने किन्नर को वहीँ पर पाया और जब इसका कारण पूछा तो किन्नरों ने कहा की भगवान आपने नर-नारी को घर जाने के लिए कहा था हमें तो कहा ही नहीं। श्री राम किन्नरों की इस भक्ति से प्रशन्न होकर आशीर्वाद दिया की अगर सच्चे मन से तुम किसी को श्राप/आशीर्वाद दे दोगे तो उसे कोई टाल नहीं सकता।

किन्नरों का एक रहस्य ये भी है की अगर किसी ने किन्नरों के शव को दफनाते/जलाते हुए देख लिया तो उसके किस्मत के दरवाजे खुल जाते है। हालाँकि आज तक बहुत काम ही लोग ऐसा देख पाए है क्यूंकि ये लोग शवों का दाह संस्कार बहुत ही गुप्त तरीके से करते है और सम्भवतः रात में ही ये सब करते है। ऐसा  कहा जाता है की किन्नर का जन्म भगवान ब्रम्हा के छाया से हुआ है इसलिए इसको दिया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। माना जाता है किन्नर को अगर आप पैसे दान करें तो उसमे से कुछ आशीर्वाद के रूप में वापस मांग ले चाहे वो एक रूपया ही क्यों न हो और उसे हरे कपडे में लपेटकर में अपने तिजोरी,गल्ले,पर्स में आदि में रख लें। इससे आपके धन प्राप्ति में आ रही समस्याओं से निदान मिलती है।

अक्सर लोग अपने यहाँ नए जन्मे शिशु को आशीर्वाद देने के लिए किन्नर को बुलाते है और उनके सामूहिक भोजन का भी इंतजाम करते है। इस दौरान बच्चे को किन्नर के गोद में दिया जाता है और वो बच्चे को आशीर्वाद देते है जो बच्चे के भविष्य के लिए बहुत ही अच्छा होता है। ये भी कहा जाता है की अगर बच्चे पर किसी बुरी चीज का साया है तो उसे किन्नर के गोद में देने से छुटकारा मिल जाता है। ऐसा इसलिए माना जाता है क्यूंकि किन्नर अपने को मंगल मुखी मानते है।

गौरतलब है की किन्नर को दान देना हर समय शुभ नहीं होता है।ऐसे में लोगों को एक बात का ध्यान रखना चाहिए की हम उनको क्या दे रहे है जैसे – झाड़ू,बर्तन ,पुराने कपडे,तेल। ये सब चीजें किन्नर को नहीं दान करना चाहिए इससे घर की सुख शांति चली जाती है।

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