छींक हमेशा नहीं होती अशुभ, जानिए कब और कहां छींक आने पर बन जाता है बिगड़ा काम

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भारतीय समाज में छींक को भी शकुन और अपशकुन के रूप में देखआ जाता है। अक्सर हम छींक सुनकर अपने काम को रोक देते हैं, कुछ देर इंतजार करते हैं और फिर पानी पी कर काम शुरू करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि छींक केवल अशुभ ही नहीं होती वरन शुभ भी होती है। आइए जानते हैं छींक से जुड़े ऐसे ही शकुन तथा अपशकुनों के बारे में

यदि किसी काम पर जाते समय सामने की छींक आ जाए तो काम पूरा नहीं होता। लेकिन अगर एक से ज्यादा बार छींक आए तो यह काम के पूरा होने का संकेत है।शकुन शास्त्र के अनुसार किसी काम पर जाते समय अगर पीछे से छींक सुनाई दें तो इसे शुभ माना जाता है।पीछे की छींक की ही तरह बाईं ओर की छींक भी शुभ मानी जाती है। अगर किसी काम पर निकल रहे हैं तो फिर बाईं ओर छींक सुनाई दें तो इसे शुभ माना जाता है।अगर कोई वस्तु खरीदते समय छींक आ जाएं तो वो वस्तु सौभाग्यशाली सिद्ध होती है।

किसी रिश्तेदार के जाते समय अगर बाईं छींक आ जाएं तो इसे अशुभ माना जाता है। ऐसे में यात्रा को रद्द ही कर देना चाहिए।व्यापार आरंभ करने से पहले छींक का आना व्यापार में सफलता मिलने का लक्षण है।भोजन से पहले छींक का सुनाई देना भी अशुभ माना जाता है।सोने से पहले और जागने के तुरंत बाद छींक की ध्वनि सुनना अशुभ माना जाता है।अगर बीमार आदमी दवा ले रहा हैं और उसी समय छींक सुनाई दें तो इसका अर्थ है कि वो जल्दी ही ठीक हो जाएगा।धार्मिक अनुष्ठान आदि आरंभ करते समय अगर छींक आ जाएं तो अनुष्ठान के पूरा होने में समस्याएं आती हैं।

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